लापरवाहों का कुंबा, सोसाइटी का शाप नागेश्वर नाथ के लिए अभिशाप

बाराबंकी – वैसे देखा जाए पिछले कुछ वर्षों से लगातार बाराबंकी शहर के प्रसिद्ध एवं प्राचीन तालाब नागेश्वर नाथ की साफ सफाई और जीर्णोद्धार के लिए शहर के विभिन्न वर्गों के लोग काफी प्रयासरत हैं और पूरे शहर वासियों की यही इच्छा है कि नागेश्वर नाथ मंदिर के विशालकाय परिसर में बने हुए इस विशाल तालाब का जीर्णोद्धार और सौन्दर्यीकरण हो जाये क्योंकि यह तालाब मात्र एक तालाब ही नही बल्कि पूरे शहर की आस्था का प्रतीक है । कुछ समय पहले इस तालाब की देख रेख के लिए एक सोसाइटी भी बनाई गयी थी जिसके अध्यक्ष जिलाधिकारी होते हैं और इस सोसाइटी की देख रेख में ही तालाब और उसके आस पास के परिसर की साफ सफाई और मरम्मत जैसे कार्य होने थे मगर ऐसा कुछ भी होता नजर नही आया क्योंकि जो सोसाइटी बनी भी थी उसमें स्थानीय निकाय एंव जिला प्रशासन आदि के कई अधिकारी थे । मगर इस सोसाइटी के बनने के बाद किसी ने भी तालाब में कोई रूचि नही ली और पूरे नागेश्वर नाथ परिसर में चारो ओर लगातार अवैध कब्जे बढ़ते ही चले गये । इस पूरी सोसाइटी में जनता से लोग तो नाम मात्र के ही हैं । जो लोग इस सोसाइटी में शामिल हैं उन्हें तालाब में और आस पास के परिसर मंे जैसे कभी कोई रूचि ही नही थी । जो कुछ लोग सोसाइटी के नाम पर थोड़ा बहुत सक्रिय नजर आते हैं वे भी इस परिसर के भले के लिए नही बल्कि अपने भले के लिए ही ज्यादा रूचि लेते दिखाई देते हैं । आखिर तालाब और आस पास के लगातार बढ़ते गये अवैध कब्जे क्या इन सब को नजर नही आते ? इन्हीं अवैध कब्जेदारों के कारण तालाब परिसर और ज्यादा गंदा होता चला जा रहा है । मुख्य द्वार हो अथवा परिसर के अंदर की इमारतें सभी बेदह जर्जर अवस्था में हो गयी हैं और कभी भी ढह सकती हैं । जहंा तक साफ सफाई की बात है तो वह तो किसी अधिकारी के आगमन के अवसर पर ही होती है । तालाब का पूरा पानी धीरे धीरे बेहद गंदा होता चला गया । कुछ महीनो पहले जब ग्राम विकास मंत्री अरविन्द सिंह गोप ने इस तालाब का निरीक्षण किया तो और इसकी साफ सफाई के निर्देश दिये थे तब सिर्फ जैसे दिखावे के रूप में काम शुरू किया गया । तालाब के सौन्दर्यीकरण के नाम पर 5 करोड़ 68 लाख रूपये की परियोजना को मंजूरी भी मिली लेकिन यह रकम मंजूर होने के बाद से मामला और लटका पड़ा है । सूत्र बताते हैं कि कुछ लोगों के अनाधिकृत रूप से इसमें घुस जाने के कारण यह काम अधर में लटका पड़ा है जबकि स्वंय मंत्री गोप जी भी कई बार अधिकारियों को काम कराने के निर्देश दे चुके हैं । कायदे से तो इस कार्य को सही और जिम्मेदार संस्था द्वारा ही कराया जाना चाहिए और प्रयास यही किया जाना चाहिए कि इस कार्य में किसी का अनाधिकृत हस्तक्षेप न हो । फिलहाल तो एडीएम अनिल कुमार सिंह बताते हंै कि जल्द ही काम करवाया जाएगा ।

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