पीएम मोदी को पीछे छोड़ इस बार डोनाल्ड ट्रंप बने टाइम पर्सन ऑफ द ईयर

न्यूयॉर्क। टाइम पर्सन ऑफ द ईयर इस बार अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बने हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार टाइम पर्सन ऑफ द ईयर के बड़े दावेदार थे। मोदी जनता के पसंदीदा भी रहे। उन्हों टाइम पत्रिका के ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ के वार्षिक सम्मान के लिए ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के साथ नामांकित किया गया था।

टाइम के संपादकों ने इस सम्मान के आखिरी दावेदारों के तौर पर 11 लोगों को चुना था। पत्रिका हर साल खबरों को प्रभावित करने वाले किसी व्यक्ति को पर्सन ऑफ इ ईयर चुनती है। मोदी के संदर्भ में टाइम ने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री देश की अर्थव्यवस्था को ऐसी स्थिति में ले गये हैं जो उभरते बाजार के तौर पर दुनिया की सबसे सकारात्मक कहानी है।

वहीं अमेरिका के नए राष्ट्रपति ट्रंप चुनाव के दौरान आखिरी वक्त में हिलेरी क्लिंटन को हराकर दुनिया के सबसे ताकतवर इंसान बने थे। टाइम पर्सन ऑफ इ ईयर के दावेदारों में इस बार मोदी के अलावा ट्रंप, पुतिन, फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोगन, यूके इंडिपेंडेंट पार्टी के नेता निगेल फैरेज, अमेरिकी जिमनास्ट और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता सिमोन बिल्स, अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और गायिका बेयोंस आदि शामिल थे। पिछले साल जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल को टाइम पर्सन ऑफ द ईयर चुना गया था।

खास बात यह है कि टाईम मैगजीन ने ट्रंप को प्रेसिडेंट ऑफ द डिवाइडेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका कहा है।टाइम पत्रिका की ओर से टाइम पर्सन ऑफ ई ईयर नामित होने के कुछ देर बाद ट्रंप ने एनबीसी न्यूज के कार्यक्रम ‘टुडे’ में कहा कि यह बड़े सम्मान की बात है। यह बहुत मायने रखता है। मैं टाइम पत्रिका पढ़ते हुए बड़ा हुआ हूं। यह बहुत महत्वपूर्ण पत्रिका है। यह बड़ा सम्मान है। मैं खुशनसीब हूं कि मुझे अतीत में भी टाइम पत्रिका के मुख्य पृष्ठ पर स्थान मिला है।

पत्रिका ने कहा कि व्यवस्था विरोधी व लोकलुभावनवादी के तौर पर प्रचार करने के बाद 70 साल के ट्रंप अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति चुने गये और उनके निर्वाचन के साथ उस प्रचार अभियान का अंत हुआ जिसमें बार बार राजनीतिक परिपाटी भंग हुई। टाइम पर्सन आफ द ईयर की दौड़ में दूसरा स्थान हिलेरी क्लिंटन को मिला है जो राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के खिलाफ डेमोक्रेट उम्मीदवार थीं। तीसरे स्थान पर ऑनलाइन हैकर्स रहे हैं।donald

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